यूकेडी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राणनीति तेज की. साथ ही लोगों को चुनाव को लेकर मंथन किया.![]()
गैरसैंण: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सैनिक प्रकोष्ठ का मंथन कार्यक्रम का आयोजन कर चुनावी बिगुल फूंक दिया है. मंथन कार्यक्रम में पंहुचे पूर्व सैनिकों का स्वागत तिलक लगाकर किया गया. इस अवसर पर उत्तराखंड के पारंपररिक वाद्य यंत्रों में शामिल ढोल, दमाऊ, मश्कबीन बजाकर सभी का स्वागत किया गया.
उत्तराखंड क्रांति दल के प्रदेश सैनिक प्रकोष्ठ द्वारा गैरसैंण के भुवनेश्वरी महिला आश्रम के मनमथन सभागार में भारी संख्या में पहुंचे पूर्व सैनिकों ने पूरे जोश के साथ चुनावी हुंकार भरी. वहीं कार्यक्रम में सेना का अनुशासन भी खूब दिखा. वक्ताओं के ओजस्वी भाषणों के बीच तय समय में घंटी का बजना उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक नया संदेश दे रही थी. कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उक्रांद के संस्थापक इंद्रमणि बडोनी एवं जनरल विपिन रावत के चित्रों पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि देकर किया गया. कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व तिरंगा फहराकर राष्ट्रगान गाकर देशभक्ति के नारों के साथ ही जय पहाड़ जय पहाड़ी के नारे भी खूब लगे.
इस अवसर पर उत्तराखंड के कुमाऊं, गढ़वाल व तराई क्षेत्र से पहुंचे सैकड़ो पूर्व सैनिक एवं अर्धसैनिक बलों से जुडे कार्यकर्ताओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया. सैनिक मंथन कार्यक्रम में एक ओर जहां जल, जंगल,जमीन पर अधिकारों की बात कही गयी, तो वहीं मूल निवास व भू कानून को लेकर भी सरकार के दोहरे रवैये पर सवाल खड़े किए गए. सरकार बनने पर पूर्व सैनिकों के परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही गयी.
मंथन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष कर्नल सुनील कोटनाला ने कहा कि सड़कों पर संघर्षों से मिला उत्तराखंड राज्य पिछले 25 सालों से भाजपा और कांग्रेस की हाथों की कठपुतली बन गया है. जिसमें मजबूर जनता पीस रही है. अब वक्त आ गया है कि दिल्ली से चलने वाले इन दोनों दलों से निजात दिलाकर उत्तराखंड के हकों के लिए संघर्ष करने वाली उक्रांद को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. सैनिक प्रकोष्ठ के पहले प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय महामंत्री कैप्टन चंद्र मोहन गढ़िया ने कहा कि 25 सालों की उपलब्धियां केवल पलायन और बेरोजगारी के रूप में सामने आई है.
जिसका विकल्प सत्ता का पूर्ण परिवर्तन कर उक्रांद को पूर्ण बहुमत की सरकार के रूप में आना होगा. सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सूबेदार मेजर महिपाल सिंह पुंडीर ने कहा कि आज राज्य का परेशान हर पूर्व सैनिक, नौजवान, किसान और महिलाएं उत्तराखंड में उक्रांद की सरकार चाहते हैं. वर्तमान में माहौल हमारे पक्ष में है प्रत्येक मतदाता तक पहुंच कर इसको और मजबूत बनाना होगा. उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री कैलाश देवरानी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस से परेशान आमजन परिवर्तन चाहता है. 2027 के चुनाव में हम मजबूत संगठन के दम पर सरकार बनाएंगे.
कर्नल सुनील कोटनाला ने दो टूक कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा. कहा कि,उत्तराखंड को बारी-बारी से लूटने-खसोटने वाले भाजपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की बजाय उनका दल दोबारा से आम चुनाव में जाना पसंद करेगा. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल की सरकार बनते ही पहला लक्ष्य गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करना है. पहाड़ों के बीच राजधानी बनने से ही हम आम आदमी के अधिकारों के लिए जल, जंगल, जमीन को लेकर नई नीति बना सकते हैं. वहीं मूल निवास व भू कानून को लेकर के भी सख्त कानून बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड का किसान, नौजवान और महिलाएं अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं.
