देहरादून के फाइव स्टार होटलों पर छापा, खाद्य पदार्थों के लिए सैंपल, एनालॉग पनीर और गैर दुग्ध उत्पादों पर विशेष नजर - सच की आवाज

देहरादून के फाइव स्टार होटलों पर छापा, खाद्य पदार्थों के लिए सैंपल, एनालॉग पनीर और गैर दुग्ध उत्पादों पर विशेष नजर

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों ने फाइव-स्टार होटलों और रिसॉर्ट मालिकों से खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर ध्यान देने को कहा

देहरादून: खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता से खिलवाड़ के खिलाफ धामी सरकार ने अब बड़े होटल प्रतिष्ठानों पर भी निगाहें टेढ़ी कर दी हैं. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने देहरादून-मसूरी रोड के प्रमुख फाइव स्टार होटलों में छापा मारकर विशेष जांच अभियान चलाया.

देहरादून के फाइन स्टार होटलों पर खाद्य संरक्षा विभाग का छापा: देहरादून में मौजूद सभी बड़े होटलों समेत कई प्रतिष्ठानों के किचन, स्टोर और खाद्य सामग्री की जांच की गई. कार्रवाई के दौरान एक बड़े होटल से मसालों और दूसरे बड़े होटल से तैयार दाल के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं. दोनों सैंपल प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं. रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी.

खाद्य संरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची: खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने होटलों में किचन, स्टोर, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेज्ड खाद्य सामग्री, रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की. अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए. अभियान के दौरान विभाग की नजर खासतौर पर एनालॉग पनीर और अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों पर रही. विभाग ने साफ कर दिया कि किसी भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, लेबलिंग, स्रोत और मानकों में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.

फाइव स्टार होटलों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए: अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि-

एक बड़े होटल के स्टोर में उपलब्ध गुलकंद, इंपोर्टेड ऑर्गेनो और सौंफ के पैक्ड उत्पादों के संबंध में संबंधित निर्माताओं से आवश्यक दस्तावेज और गुणवत्ता संबंधी जानकारी मांगी गई है. विभाग ने इसके लिए नोटिस जारी किए हैं. मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है. अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को निर्देश दिए कि खाद्य सामग्री की खरीद से लेकर उसके भंडारण और इस्तेमाल तक हर स्तर पर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए.
-ताजबर सिंह जग्गी, अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग-

अपर आयुक्त बोले हर नागरिक को शुद्ध खाद्य पदार्थ देना सरकार का मकसद: अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि राज्य सरकार की नीति साफ है कि उत्तराखंड के हर नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले. मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि विभाग का मकसद केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों में गुणवत्ता, स्वच्छता और जिम्मेदार खाद्य प्रबंधन की संस्कृति विकसित करना भी है. खासतौर पर पर्यटन प्रदेश होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को भी सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जरूरी है.

होटल मालिकों को चेताया जारी रहेगी चेकिंग: अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि-

ये कार्रवाई किसी एक दिन या कुछ प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगी. देहरादून सहित पूरे जिले में होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की औचक जांच और सैंपलिंग जारी रहेगी. प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
-ताजबर सिंह जग्गी, अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग-

जग्गी ने कहा कि विभाग ने खाद्य कारोबारियों को भी चेताया है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है.

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त का बयान: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि-

प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. खाद्य प्रतिष्ठान छोटा हो या बड़ा, सामान्य दुकान हो या फाइव स्टार होटल, खाद्य सुरक्षा के नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं.
-विनय शंकर पांडे, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त-

एनालॉग पनीर और गैर दुग्ध पदार्थों पर विशेष नजर: एनालॉग पनीर, गैर-दुग्ध उत्पादों या किसी भी प्रकार की मिलावटी और गैर-मानक खाद्य सामग्री के इस्तेमाल या बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा. ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिठाई प्रतिष्ठानों समेत सभी खाद्य कारोबारियों की नियमित और औचक जांच जारी रखने के निर्देश दिए हैं.एनालॉग पनीर क्या है? एनालॉग पनीर एक कृत्रिम या नकली खाद्य उत्पाद है, जो दिखने और स्वाद में असली पनीर जैसा होता है. इसे दूध के बजाय पाम ऑयल जैसे सस्ते वनस्पति तेल, स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर और केमिकल्स मिलाकर तैयार किया जाता है. ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.