चारधाम यात्रा पर मंडरा रहा बारिश का खतरा, अगले 3-4 दिन बेहद संवेदनशील, रहें सतर्क - सच की आवाज

चारधाम यात्रा पर मंडरा रहा बारिश का खतरा, अगले 3-4 दिन बेहद संवेदनशील, रहें सतर्क

चारधाम यात्रा के लिए ये हफ्ता बेहद संवेदनशील है. मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

देहरादून: चारधाम यात्रा के लिहाज से उत्तराखंड में आने वाले तीन से चार दिन बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं. मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जिनमें चारधाम यात्रा वाले उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले भी शामिल हैं. भारी बारिश के दौरान इन पर्वतीय जिलों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है, जिससे यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है. मौसम विभाग के मुताबिक 23 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 25-26 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है. प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है.

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश के अलग-अलग राज्यों से चारधाम पहुंच रहे हैं. ऐसे समय में मौसम विभाग ने आने वाले तीन से चार दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी कर चिंता बढ़ा दी है. खास बात यह है कि जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, उनमें चारधाम यात्रा के प्रमुख जिले उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली भी शामिल हैं.दरअसल चार धामयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पर्वतीय और बेहद संवेदनशील मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है.

इन मार्गों पर कई ऐसे लैंडस्लाइड जोन हैं, जहां बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना रहता है. सामान्य बारिश में भी इन स्थानों पर आवाजाही प्रभावित होती है, जबकि भारी बारिश के दौरान जोखिम और बढ़ जाता है. ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी ने चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

23 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी. 24 जुलाई से बारिश का सिलसिला और तेज होने की संभावना है, जबकि 25 और 26 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है. इस तरह अगले चार से पांच दिनों के दौरान पर्वतीय जिलों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.
-रोहित थपलियाल, मौसम वैज्ञानिक-

मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली के अलावा गढ़वाल मंडल के देहरादून जिले में भी भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. यानी प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में आने वाले दिनों में मौसम चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. चारधाम यात्रा क्षेत्र पर सबसे ज्यादा नजर इसलिए है क्योंकि यहां इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं. बारिश के दौरान यात्रा मार्गों पर लैंडस्लाइड, सड़क अवरुद्ध होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है.

ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी.मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया है. संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाने, लैंडस्लाइड जोन पर जेसीबी और मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रा संचालन पर निर्णय लेने की चुनौती प्रशासन के सामने होगी. चा धाम यात्रा के लिए यह सप्ताह बेहद संवेदनशील रहने वाला है. श्रद्धालुओं को भी मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करते हुए यात्रा की योजना बनाने की जरूरत है, क्योंकि पहाड़ों में भारी बारिश के दौरान कुछ मिनटों में ही हालात बदल सकते हैं.