एरोमैटिक फसलों से आत्मनिर्भर उत्तराखंड, महक क्रांति का दशक भर का प्लान.. - सच की आवाज

एरोमैटिक फसलों से आत्मनिर्भर उत्तराखंड, महक क्रांति का दशक भर का प्लान..

राज्य में एरोमैटिक फार्मिंग को बढ़ावा देने को लेकर सरकार ने उत्तराखंड महक क्रांति नीति लागू की है, 7 एरोमा वैलियां विकसित होंगी..


उत्तराखंड राज्य विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते सीमित संसाधनों में सिमटा हुआ है. यही वजह है कि राज्य सरकार राज्य की आर्थिक को बढ़ाने के लिए कोई ना कोई प्रयास करती रहती है. इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार अब एरोमैटिक फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, क्योंकि इससे न सिर्फ किसानों की आय दोगुनी होगी बल्कि राज्य की आर्थिकी को भी फायदा पहुंचेगा.

उत्तराखंड महक क्रांति नीति: राज्य में एरोमैटिक फार्मिंग को बढ़ावा देने को लेकर सरकार ने उत्तराखंड महक क्रांति नीति लागू की है. इस नीति के जरिए अगले 10 सालों का रोडमैप भी सरकार ने तैयार कर लिया है. दरअसल, उत्तराखंड में विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते बड़े पैमाने पर कृषि के कार्य नहीं किया जा सकते हैं. इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों को जंगली जानवर भी नष्ट कर देते हैं, जिसके चलते किसानों को काफी अधिक नुकसान होता है.

एरोमैटिक प्लांट को उगाने के लिए है नीति: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में उपजाऊ जमीन के साथ ही बंजर भूमि पर भी एरोमैटिक फार्मिंग आसानी से की जा सकती है. खास बात ये है कि एरोमैटिक प्लांट्स को जंगली जानवर भी नुकसान नहीं पहुंचते हैं. इसके अलावा किसी भी जमीन और कम पानी की सुविधा के बावजूद बड़े स्तर पर एरोमैटिक फार्मिंग की जा सकती है. यही वजह है कि राज्य सरकार प्रदेश में एरोमैटिक फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है.

महक क्रांति नीति के तहत अगले 10 साल की कार्य योजना तैयार: इसके लिए उद्यान विभाग के अधीन संचालित सगंध पौधा केंद्र भी किसानों को एरोमैटिक प्लांट्स उपलब्ध कराने के साथ ही तमाम सुविधाएं और तकनीकी उपलब्ध करा रहा है. उत्तराखंड के अधिक से अधिक किसान एरोमैटिक फार्मिंग की दिशा में आगे बढ़ें, इसके लिए राज्य सरकार ने उत्तराखंड महक क्रांति नीति को लागू कर दिया है. दरअसल, 23 सितंबर 2025 को हुई धामी मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान उत्तराखंड महक क्रांति नीति को मंजूरी मिल गई थी. इसके साथ ही 13 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड महक क्रांति नीति का शुभारंभ कर दिया है. इस नीति के पहले चरण के तहत अगले 10 साल की कार्य योजना भी तैयार की जा चुकी है.

उत्तराखंड महक क्रांति नीति के मुख्य बिंदु: उत्तराखंड महक क्रांति नीति के पहले चरण में अगले 10 सालों यानी 2026 से 2036 तक ये योजना चलेगी. प्रदेश भर में 22,750 हेक्टेयर भूमि पर एरोमैटिक फार्मिंग का लक्ष्य रखा गया है. इस नीति के जरिए 91,000 किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.

प्रदेश सरकार द्वारा एरोमैटिक फार्मिंग के टर्नओवर को 1,179 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार किसानों को एक हेक्टेयर भूमि पर खेती करने पर 80 फीसदी की सब्सिडी देगी. एक हेक्टेयर से अधिक भूमि पर खेती करने पर किसानों को 50 फीसदी की सब्सिडी मिलेगी. योजना के पहले चरण में 7 एरोमा वैलियों को विकसित किया जाएगा.

पीएम मोदी ने आयुर्वेद केंद्र और वेलनेस पैकेज विकसित करने की जरूरत पर दिया था बल: दरअसल उत्तराखंड राज्य सीमित संसाधनों में सिमटा हुआ है. यही वजह है कि उत्तराखंड की स्थापना की रजत जयंती यानी की 25 साल पूरे होने पर 9 नवंबर 2025 को आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आय के संसाधनों को बढ़ाने का संदेश दिया था.

समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के अगले 25 सालों के रोड मैप पर कहा था कि सुगंधित पौधों (Aromatic Plants) के क्षेत्र में राज्य बेहतर प्रगति कर रहा है. जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कारगर साबित हो सकता है. पीएम मोदी ने कहा था कि हर्बल और औषधीय पौधों की खेती भविष्य की कृषि है. लिहाजा प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में योग, आयुर्वेद केंद्र स्थापित कर वेलनेस पैकेज विकसित करने का जरूरत है.
प्रदेश में 7 एरोमा वैलियों को किया जाएगा विकसित: उत्तराखंड में महक क्रांति नीति के अंतर्गतपिथौरागढ़ में तिमूर वैली को विकसित की जाएगी. चमोली एवं अल्मोड़ा जिलों में डैमस्क रोज वैली को विकसित किया जाएगा. उधमसिंह नगर जिले में मिंट वैली को विकसित किया जाएगा. चंपावत जिले में सिनेमन वैली को विकसित किया जाएगा. नैनीताल जिले में सिनेमन वैली विकसित करने की प्लानिंग है. हरिद्वार जिले में लेमनग्रास और मिन्ट वैली को विकसित किया जाएगा. पौड़ी जिले में लेमनग्रास वैली को विकसित किया जाएगा.

महक क्रांति से 91 हजार किसानों को जोड़ा जाएगा: उत्तराखंड के 25 वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए तमाम सुझाव पर राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है. उसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड महक क्रांति नीति का शुभारंभ भी कर दिया है. महक क्रांति नीति के पहले चरण में अगले 10 सालों यानी 2026 से 2036 तक के सशक्त उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए नीति तैयार की गयी है. इस नीति में एरोमैटिक फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए अच्छी खासी सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है. साथ ही अगले 10 सालों के भीतर करीब 91 हज़ार किसानों को जोड़ते हुए 22,750 हेक्टेयर भूमि पर एरोमैटिक फार्मिंग का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश में एरोमा और परफ्यूमरी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए काशीपुर में 40 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ की लागत से एरोमा पार्क भी विकसित किया जा रहा है.

महक क्रांति नीति के तहत मिलेगा अनुदान: उत्तराखंड महक क्रांति नीति के तहत पौधशाला विकास में विभाग द्वारा सहयोग दिया जाएगा. खेती के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास किया जाएगा. इसके साथ ही कृषिकरण के लिए भी अनुदान दिया जाएगा. किसानों को नर्सरी विकास के लिए अनुदान मिलेगा. उत्तराखंड वन्य जीव और प्राकृतिक आपदा से फसलों को नुकसान पहुंचता है. इसलिए फसल बीमा का भी लाभ मिलेगा. प्रसंस्करण (Processing) सुविधा के लिए अनुदान दिया जाएगा. मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सामग्री के लिए भी संगध पौधा केंद्र से सहयोग मिलेगा. कृषकों को गुणवत्ता परीक्षण सेवाओं के लिए सहयोग मिलेगा.

इन योजनाओं में भी मिल रही मदद: प्रदेश में एरोमैटिक फार्मिंग को बढ़ावा देने के साथ ही सरकार, राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के लिए अन्य तमाम काम भी कर रही है. इसके तहत, पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसमें से अभी तक करीब 115 करोड़ रुपए की सहायता से करीब 350 पॉलीहाउस बनाए जा चुके हैं.

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश आधारित खेती को बढ़ाने के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी संचालित की जा रही है. इसके अलावा, प्रदेश में 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति समेत अन्य योजनाओं को लागू किया गया है. इनके जरिए किसानों को 80 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है.

महक क्रांति से किसानों को मिलेगी लाभ- सीएम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि-

उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026-36 का शुभारंभ हो गया है. इस नीति से बड़ी संख्या में किसानों को सीधे लाभ मिलेगा. साथ ही किसान सगंध खेती से जुड़ेंगे. वर्तमान समय में एरोमैटिक फार्मिंग से जुड़े किसानों की संख्या 20 से 25 हज़ार है. ऐसे में लक्ष्य रखा गया है कि आने वाले सालों में एक लाख किसानों को एरोमैटिक फार्मिंग से जोड़ा जाए. वर्तमान समय में राज्य में एरोमैटिक फार्मिंग का टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपए है. इसे अगले 10 सालों में बढ़कर 1200 करोड़ रुपए करने का लक्ष्य रखा गया है.
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड-

उत्तराखंड में एरोमैटिक फार्मिग की अपार संभावनाएं: सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में एरोमैटिक फार्मिंग की अपार संभावनाएं हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में एरोमैटिक फार्मिंग के क्षेत्र में उत्तराखंड राज्य देश के लिए उदाहरण बनेगा. साथ ही प्रदेश के किसानों को लाभ होगा. उनकी आय बढ़ेगी और विकास के साथ रोजगार भी बढ़ेगा.

प्रोसेसिंग और मार्केटिंग होगी आसान: सगंध पौधा केंद्र के निदेशक नृपेंद्र चौहान ने कहा कि-

उत्तराखंड में क्रांति नीति अगले 10 साल की परियोजना है. इस नीति के तहत 27 हज़ार हेक्टेयर भूमि पर एरोमैटिक फार्मिंग की जाएगी. साथ ही 91 हजार किसानों को इससे जोड़ा जाएगा. खासकर, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में जहां पर खेती से किसानों को नुकसान हो रहा है, वहा पर एरोमैटिक फार्मिंग से किसानों को काफी फायदा मिलेगा. इसके अलावा, प्रदेश भर में 7 एरोमा वैलियों को विकसित किया जाएगा. इसका एक बड़ा फायदा ये होगा कि इन उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी.
-नृपेंद्र चौहान, निदेशक, सगंध पौधा केंद्र-

एरोमैटिक प्लांट के लिए सैटेलाइट सेंटर: सगंध पौधा केंद्र के निदेशक नृपेंद्र चौहान ने कहा कि एक प्लांट के लिए एक सैटेलाइट सेंटर भी बनाया जा रहा है. इस सेंटर पर सारी सुविधाएं किसानों को उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे आने वाले समय में पर्वतीय क्षेत्रों से हो रही पलायन से राहत मिलेगी.

10 thoughts on “एरोमैटिक फसलों से आत्मनिर्भर उत्तराखंड, महक क्रांति का दशक भर का प्लान..

  1. On paper, Khamzat Chimaev is untouchable, though Sean Strickland’s combination of weirdness and resilience that he might pull off a surprise, whereas the other bouts on the card showcase a knockout artist facing a grappler who remains unbeaten in the flyweight division, two heavyweight knockout artists with granite chins, a strategic slugfest in the 170-pound division, and a pure nostalgic slugfest between lightweight veterans, where each fight carries the threat of someone’s ideal blueprint collapsing in real time.

  2. https://gidstats.substack.com/p/ufc-328-five-fights-zero-guarantees
    What the text boils down to is that this coming UFC 328 event showcases five must-see bouts covering five distinct weight brackets, with odds backing Khamzat Chimaev yet not certain to defeat Sean Strickland, who is both durable and hard to read for the 185-pound belt, at the same time the bouts at flyweight, heavyweight, welterweight, and lightweight all offer tricky tactical battles that ensure the event is far from dull.

  3. Khamzat Chimaev is forecasted to beat Sean Strickland by a judge’s ruling in a tough, back-and-forth fight, whereas the other bouts on the UFC 328 card features several near calls, namely Van defending his title against Taira, Volkov finishing the fight via TKO in the championship frames, Buckley surprising Brady on the scorecards or by stoppage, and Green just edging past Stephens on points.

  4. Chimaev is predicted to beat Sean Strickland by decision after wrestling takes over in the middle rounds, and the rest of the event includes narrow wins for Van over Taira, Volkov by late TKO, Joaquin Buckley via a stoppage, and Bobby Green on the scorecards.

  5. GidStats grew out of a long-established collection of MMA fighter records and fight results, evolving into a platform that continues to aim for adding live updates and background information—a target that remains unrealized.

  6. latest ufc news
    At the heart of our MMA coverage lies UFC, but we also follow promotions like PFL, DWCS, and LFA for committed fans, following MMA means going beyond one promotion, while our news section explains the meaning behind the stats that our database meticulously tracks.

  7. The complete UFC 328 matchup schedule showcases Khamzat Chimaev (unchanged) risking his middleweight belt in a matchup against Sean Strickland (unchanged) in a marquee main event.

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