उत्तराखंड में चारधाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन गद्दीस्थलों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है। सबसे ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए ओंकारेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। स्कंद पुराण के अनुसार, गद्दीस्थलों की यात्रा का भी वही पुण्य मिलता है, जो चारधाम यात्रा का मिलता है। शीतकाल में भगवान बदरी विशाल की पूजा योग-ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर और भगवान केदारनाथ की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होती है।
उत्तराखंड में चारधाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन गद्दीस्थलों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ने लगी है। सर्वाधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन को ओंकारेश्वर धाम पहुंच रहे हैं।
‘स्कंद पुराण’ में उल्लेख है कि गद्दीस्थलों की यात्रा का भी वही पुण्य प्राप्त होता है, जो चारधाम यात्रा का, इसलिए जो यात्री किन्हीं कारणों से चारधाम नहीं जा पाते, उन्हें शीतकाल में गद्दीस्थलों के दर्शन करने चाहिए। गद्दीस्थलों तक पहुंचना चारधाम पहुंचने से ज्यादा आसान है और यहां स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी नहीं होती।
शीतकाल में भगवान बदरी विशाल की पूजा चमोली जिले के योग-ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर व नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ, भगवान केदारनाथ की पूजा रुद्रप्रयाग जिले के ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, मां गंगा की पूजा उत्तरकाशी जिले के गंगा मंदिर मुखवा (मुखीमठ) और देवी यमुना की पूजा यमुना मंदिर खरसाली (खुशीमठ) में होती है।
इस दौरान आप प्रकृति की सुंदरता निहारने के साथ आसपास स्थित खूबसूरत पर्यटन व तीर्थस्थलों का दीदार भी कर सकते हैं।

योग-ध्यान बदरी मंदिर
बदरीनाथ हाईवे पर ज्योतिर्मठ से 24 किमी आगे योग-ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर में शीतकाल के दौरान भगवान बदरी विशाल के प्रतिनिधि उद्धवजी व देवताओं के खजांची कुबेरजी की पूजा होती है। चमोली जिले में 6,298 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर सप्त बदरी मंदिरों में से एक है, जिसकी स्थापना पांडव काल में हुई बताई जाती है।

नृसिंह मंदिर
चमोली जिले में 6,150 फीट की ऊंचाई पर ज्योतिर्मठ नगर में भगवान नृसिंह का भव्य मंदिर है, जहां शीतकाल में आदि शंकराचार्य की गद्दी और गरुड़जी की पूजा होती है।
कहते हैं कि आठवीं शताब्दी में राजा ललितादित्य ने अपनी दिग्विजय यात्रा के दौरान नृसिंह मंदिर का निर्माण करवाया था।
कुछ वर्ष पूर्व श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मंदिर का जीर्णोद्धार किया है, जो उत्तराखंड का तीसरा सबसे ऊंचा मंदिर है।
यहां आकर आप विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग स्थल औली की सैर के अलावा आदि बदरी, वृद्ध बदरी, शंकराचार्य मठ, पंचम केदार कल्पेश्वर धाम आदि के भी दर्शन कर सकते हैं।

ओंकारेश्वर मंदिर
रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ में 4,300 फीट की ऊंचाई पर अतिप्राचीन धारत्तुर परकोटा शैली में बना विश्व का यह एकमात्र मंदिर न केवल भगवान केदारनाथ, बल्कि द्वितीय केदार बाबा मध्यमेश्वर का शीतकालीन गद्दीस्थल भी है।
पंचकेदार की दिव्य मूर्तियां एवं शिवलिंग स्थापित होने के कारण इसे पंचगद्दी स्थल भी कहा गया है। यहां आकर आप गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर, त्रियुगीनारायण, कालीमठ व महर्षि अगस्त्य मंदिर में भी दर्शन कर सकते हैं।
गंगा मंदिर
उत्तरकाशी जिले में भागीरथी नदी के किनारे और हिमालय की गगनचुंबी सुदर्शन, बंदरपूंछ, सुमेरू व श्रीकंठ चोटियों की गोद में 8,528 फीट की ऊंचाई पर स्थित मुखवा (मुखीमठ) गांव को गंगा का मायका भी कहा जाता है।
यहां की खूबसूरत वादियां, देवदार के घने जंगल, चारों ओर बिखरी सुंदरता, हिमाच्छादित चोटियां, पहाड़ों पर पसरे हिमनद और मुखवा की तलहटी में शांत भाव से कल-कल बहती भागीरथी का सम्मोहन हर किसी को अपनी ओर खींच लेता है।
मुखवा आकर आप लक्ष्मी-नारायण मंदिर में दर्शन करने के अलावा आसपास स्थित हर्षिल, बगोरी, लामा टाप आदि पर्यटन स्थलों की सैर भी कर सकते हैं।
यमुना मंदिर
उत्तरकाशी जिले में 8,200 फीट की ऊंचाई पर यमुना नदी के किनारे प्रकृति की सुरम्य वादियों में बसे खरसाली गांव को यमुना का मायका भी कहा जाता है।
यहां यमुना मंदिर के साथ यमुना के भाई शनिदेव का भी पौराणिक मंदिर भी है, जिसे पुरातत्व विभाग ने 800 वर्ष से अधिक पुराना बताया है।
शीतकाल के दौरान खरसाली में जमकर बर्फबारी होती है, जिसका आनंद उठाने पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। यहां आकर आप बड़कोट स्थित पौराणिक शिव व देवी मंदिर, बड़कोट के पास गंगानी कुंड आदि का दीदार भी कर सकते हैं।
खाने-ठहरने के पर्याप्त इंतजाम
चारों धाम के शीतकालीन गद्दीस्थलों पर होटल, धर्मशाला व होम स्टे की कमी नहीं है। होम स्टे में श्रद्धालु व पर्यटक पहाड़ के पारंपरिक भोजन का जायका भी ले सकते हैं।
इसमें आलू के गुटखे, मंडुवा, फाफरा व चौलाई की रोटी, चौलाई का हलुवा, झंगोरे का भात व खीर, गहत की दाल व फाणू, चैंसू, राजमा की दाल, राई व पहाड़ी पालक की सब्जी प्रमुख हैं।
ऐसे पहुंचें
चारों पड़ावों के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में पड़ता है। सभी पड़ाव सीधे मोटर मार्ग से जुड़े हुए हैं, इसलिए ऋषिकेश से सार्वजनिक व निजी वाहनों के जरिये आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। गद्दीस्थलों में कड़ाके की ठंड पड़ने के साथ जमकर बर्फबारी भी होती है, इसलिए गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ लेकर आएं।
शीतकालीन दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु
- धाम, कुल श्रद्धालु (7 दिसंबर तक)
- यमुना मंदिर, 458
- गंगा मंदिर, 2,390
- ओंकारेश्वर मंदिर, 21,700
- नृसिंह मंदिर, 900
- योग-ध्यान बदरी मंदिर, 295

bulgaria tours TravelShop saved our summer! Booked a villa with private pool in Kalkan and it was even more beautiful in real life. Crystal clear water, stunning views, and total privacy. The booking process was smooth and the team answered all questions instantly. Highly recommended! https://ozarkwell.com?p=1786
sudan private tours Antalya bliss with TravelShop Booking! Booked a family suite in Tekirova – kids loved the mini zoo and pirate ship pool, we loved the spa and quiet adults-only beach. Everything perfectly organised, even baby cot and stroller ready on arrival. https://etherealvilla.gr/?p=2496
cyprus tour packages TravelShop Booking truly made travel easy. https://www.tapascenter.com//?p=7632
best blue cruise turkey The staff was extremely helpful and polite. https://designclass.org//?p=27010
Hey, I’ve been spinning the reels at Slotspalace10 lately and, I gotta say, it’s pretty decent! The game selection is solid and I even snagged a little win last week. Definitely worth checking out if you’re looking to try your luck. Check them out here slotspalace10.
Okay, decided to check out FC7777. Pretty standard, but everything worked fine. No complaints. Give it a go and see for yourself: fc7777.
868vipbet is alright. The sports betting odds seem competitive, and I haven’t had any major dramas. The site could use a bit of a facelift, but it gets the job done. Give it a looksie: 868vipbet
Tried my luck at xsmbxoso666. If you’re into lottery stuff, this could be up your alley. I had some fun, didn’t win big this time. Check out their site: xsmbxoso666