उत्तराखंड में रिक्त होने जा रही राज्यसभा की एक सीट के लिए भाजपा अपने प्रत्याशी का नाम जल्द तय कर देगी। इसके लिए पार्टी छह दावेदारों का पैनल तैयार कर केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजेगी। शनिवार को प्रदेश भाजपा की इस सिलसिले में बैठक होने जा रही है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा की जीत सुनिश्चित है।
कई राज्यों के साथ उत्तराखंड में भी राज्यसभा की एक सीट रिक्त होने जा रही है। कांग्रेस के प्रदीप टम्टा का कार्यकाल समाप्त होने से यह सीट खाली होने जा रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 31 मई तक नामांकन होंगे, जबकि 10 जून को मतदान होगा। उत्तराखंड में राज्यसभा की कुल तीन सीटें हैं। इनमें से एक कांग्रेस व दो भाजपा के पास हैं। भाजपा से पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी और नरेश बंसल राज्यसभा में हैं।
उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा के पास दो-तिहाई बहुमत है। दो महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 70 में से 47 सीटों पर जीत हासिल हुई। यद्यपि फिलहाल चम्पावत सीट कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के कारण रिक्त है। इस पर उप चुनाव की प्रक्रिया चल रही है।
गहतोड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए यह सीट खाली की। विधानसभा में सदस्यों के आंकड़े से साफ है कि राज्यसभा सीट के चुनाव में भाजपा की जीत तय है।
भाजपा दो सप्ताह पहले ही प्रत्याशी चयन की कवायद शुरू कर चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की अध्यक्षता में इस सिलसिले में दो बैठकें हो चुकी हैं। कौशिक ने बताया कि शनिवार को पैनल के नाम तय करने के लिए एक बार फिर बैठक आयोजित की जा रही है। इसमें छह नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजा जाएगा, जो प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगाएगा।
भाजपा के जिन नेताओं के नाम राज्यसभा सीट के दावेदारों के रूप में लिए जा रहे हैं, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला व अनिल गोयल, महामंत्री कुलदीप कुमार, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ती रावत भारद्वाज, पूर्व विधायक आशा नौटियाल शामिल हैं। हालांकि चर्चा यह भी है कि राज्यसभा का कार्यकाल पूरा कर रहे केंद्रीय मंत्रियों में से किसी एक को भी उत्तराखंड से राज्यसभा भेजा जा सकता है।

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